गाजीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज,अयोध्या के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र आंकुशपुर गाजीपुर ll एवम् कृषि विभाग गाज़ीपुर के द्वारा गाज़ीपुर के भदौरा और जमानिया ब्लॉक के किसानों को जागरूक करने हेतु खेत बचाओ अभियान के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे ‘एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन’ तकनीक किसानों को विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवम् अध्यक्ष डॉ राम गोपाल यादव. वैज्ञनिक डॉ दीपक प्रजापति एवम् डॉ पंकज कुमार ओर क्षेत्र के बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों और ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया।
मिट्टी की उर्वरता और अंधाधुंध रासायनिक खादों पर चिंता करते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि किसान भाई खेतों में जरूरत से ज्यादा रासायनिक उर्वरकों (जैसे यूरिया और डीएपी) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न केवल खेती की लागत बढ़ रही है, बल्कि मिट्टी की प्राकृतिक उपजाऊ क्षमता भी धीरे-धीरे नष्ट हो रही है।
वैज्ञानिकों ने किसानों को विस्तार से समझाया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन का सीधा सा मतलब है— संतुलित आहार जैसे इंसान को स्वस्थ रहने के लिए हर तरह के विटामिन और प्रोटीन की जरूरत होती है, वैसे ही पौधों को भी अलग-अलग पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। रासायनिक उर्वरक: केवल उतनी ही मात्रा में जितनी मिट्टी की जांच के बाद जरूरी पाई जाए। जैविक खाद‚ गोबर की अच्छी तरह सड़ी हुई खाद, कंपोस्ट और केंचुआ खाद का अधिक से अधिक प्रयोग।
जैव उर्वरक राइजोबियम, एजोटोबैक्टर और पीएसबी कल्चर का प्रयोग पर जोर दिया जो हवा से नाइट्रोजन और मिट्टी से फास्फोरस को पौधों तक पहुंचाते हैं। मुख्य फसल बोने से पहले ढैंचा या सनई उगाकर उसे खेत में ही पलट देना।
वैज्ञानिकों ने किसानों से आग्रह किया कि किसान भाइयों अगर हम मिट्टी की सेहत का ध्यान नहीं रखेंगे तो आने वाले समय में फसल उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाकर हम कम लागत में 15 से 20 प्रतिशत तक अधिक पैदावार ले सकते हैं और अपनी जमीन को भी बंजर होने से बचा सकते हैं।
संजय यादव ब्यूरो गाजीपुर।








