गाजीपुर । आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार 11 जून 2026 को जनपद की सभी पांच तहसीलों में एक साथ मेगा आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों की तैयारियों का परीक्षण करना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता को मजबूत बनाना है।
मॉक ड्रिल के लिए तहसील सदर के पोस्ट घाट नवाबगंज, सैदपुर के फुलवारी घाट, जमानिया के प्राथमिक विद्यालय सोनवाल, मोहम्मदाबाद के कोयला घाट गौसपुर तथा सेवराई के नेहरू इंटर कॉलेज रेवतीपुर को चिन्हित किया गया है। इन सभी स्थानों पर बाढ़, नाव पलटने, नदी में डूबने की घटनाओं तथा जर्जर मकानों के ढहने जैसी आपात परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार राहत एवं बचाव दलों द्वारा 10 से 15 लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने, राहत शिविरों की व्यवस्था करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया जाएगा। मॉक ड्रिल से पहले 9 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समन्वय बैठक और 10 जून को टेबल टॉक एक्सरसाइज आयोजित कर रणनीतियों की समीक्षा की गई थी।
इस महत्वपूर्ण अभ्यास में स्वास्थ्य, पुलिस, पशुपालन, सिंचाई, अग्निशमन, विद्युत, परिवहन, शिक्षा, लोक निर्माण विभाग सहित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) भी भाग लेगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की निगरानी में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला इंसिडेंट कमांडर की भूमिका निभाएंगे।
जिला प्रशासन का मानना है कि आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्रवाई से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यही कारण है कि मानसून से पहले इस व्यापक मॉक ड्रिल के माध्यम से सभी विभागों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
संजय यादव ब्यूरो गाजीपुर।








