बांसडीह – तहसील में गोंड समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना 21 अप्रैल 2026 को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आजादी से पूर्व के भू-राजस्व अभिलेखों 1345, 1356, 1359 फसली तथा जन्म-मृत्यु रजिस्टरों में स्पष्ट रूप से “गोंड” दर्ज है, जो तहसील व कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में आज भी सुरक्षित हैं। इसके साथ ही, 3 नवम्बर 2021 के शासनादेश में भी निर्देश है कि ऐसे मामलों में तत्काल एसटी प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
आरोप है कि इसके बावजूद तहसीलदार नितिन कुमार सिंह मनमाना रवैया अपनाते हुए ऑनलाइन आवेदनों को बार-बार निरस्त कर रहे हैं। जबकि हाल ही में चार लोगों को समान साक्ष्यों के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किया गया है, जिससे दोहरे मापदंड का आरोप लग रहा है।
गोंगपा तहसील इकाई अध्यक्ष उमाशंकर गोंड ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। धरने में कई लोग उपस्थित रहे।






