नई दिल्ली। 2 मई 2026 को देशभर में करोड़ों मोबाइल फोन पर एक साथ तेज सायरन सुनाई दे सकता है, लेकिन इसे लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। दरअसल, केंद्र सरकार एक नए मोबाइल-आधारित डिजास्टर अलर्ट सिस्टम का परीक्षण कर रही है।
यह इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या किसी बड़ी आपात स्थिति के दौरान लोगों तक तुरंत और प्रभावी तरीके से चेतावनी पहुंचाना है।
सरकार ने इस अलर्ट सिस्टम का नाम SACHET रखा है। इसके तहत ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट’ तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे एक ही समय में बड़ी संख्या में मोबाइल यूजर्स को सायरन के साथ अलर्ट मैसेज भेजा जा सकेगा।
इससे पहले भी इस तकनीक का परीक्षण दिल्ली-एनसीआर समेत कई बड़े शहरों में किया जा चुका है। सरकार की ओर से पहले ही SMS के जरिए लोगों को सूचित किया गया था कि 2 मई को इस सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा।
NDMA ने साफ किया है कि यदि आपके मोबाइल पर यह अलर्ट आता है, तो किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है और न ही घबराने की जरूरत है। यह केवल एक परीक्षण है, ताकि भविष्य में किसी आपदा की स्थिति में समय रहते लोगों तक सही और सटीक सूचना पहुंचाई जा सके।








