मीरजापुर। 29 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शुल्क नियामक समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विद्यालय अपनी शुल्क संरचना को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाएं तथा प्रत्येक शुल्क को वेबसाइट और सूचना पट पर प्रदर्शित करें। अभिभावकों से पूरे सत्र की फीस एक साथ न लेने के निर्देश भी दिए गए।
विद्यालयों को तीन वर्षों की शुल्क सूची जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया, जिससे शुल्क का परीक्षण किया जा सके। काउशन मनी को ब्याज सहित वापस करना अनिवार्य किया गया। साथ ही एनसीईआरटी पुस्तकों से ही पढ़ाई, यूनिफॉर्म में पांच वर्ष से पहले बदलाव न करने और किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के दबाव पर रोक लगाई गई।
डीएम ने छात्रों की सुरक्षा, वाहन पंजीकरण, फिटनेस और चालकों के सत्यापन पर विशेष जोर दिया। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।








