वाराणसी । जनपद के थाना बड़ागांव क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता का सराहनीय उदाहरण सामने आया। 14 जुलाई 2026 की देर रात हरहुआ रिंग रोड चौराहे पर गश्त के दौरान चौकी प्रभारी हरहुआ उपनिरीक्षक विवेकानन्द द्विवेदी को लगभग 11 वर्षीय एक मूक-बधिर बालक अकेले भटकता हुआ मिला। रात के समय बालक के असुरक्षित अवस्था में मिलने पर पुलिस उसे तत्काल सुरक्षित संरक्षण में लेकर हरहुआ पुलिस चौकी पहुंची।
पुलिस ने इशारों और अन्य माध्यमों से बालक का नाम, पता तथा परिजनों की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन उसके मूक-बधिर होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से बालक की पहचान के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया।
लगातार प्रयासों के बाद बालक की पहचान नसीर अख्तर (11 वर्ष) पुत्र जैनूलद्दीन, निवासी ग्राम कोटवा, थाना लोहता, जनपद वाराणसी के रूप में हुई। पहचान होने पर चौकी प्रभारी हरहुआ ने तत्काल चौकी कोटवा, थाना लोहता को सूचना दी। सूचना मिलने पर वहां से पहुंचे हेड कांस्टेबल रविन्द्र ने आवश्यक अभिलेखीय कार्रवाई पूरी की।
इसके बाद पुलिस ने बालक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। इस मानवीय कार्य के लिए स्थानीय लोगों ने वाराणसी पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की।










