चन्दौली । डीडीयू नगर प्राचीन मां काली मंदिर के संभावित विस्थापन को लेकर क्षेत्र में चल रही चर्चाओं और श्रद्धालुओं की बढ़ती चिंताओं के बीच एक महिला ने धार्मिक आस्था और सामाजिक सहयोग की अनूठी मिसाल पेश की है। ईस्टर्न बाजार निवासी प्रमिला देवी ने मंदिर को क्षेत्र से दूर विस्थापित होने से बचाने के लिए अपनी 212 वर्ग फीट निजी भूमि मंदिर स्थापना हेतु देने की स्वेच्छा से पेशकश की है।
मंगलवार को प्रमिला देवी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को पत्र सौंपकर अनुरोध किया कि उनके प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि मां काली मंदिर के संभावित विस्थापन की सूचना से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। जनभावनाओं और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए वह बिना किसी दबाव या शर्त के अपनी भूमि मंदिर के लिए उपलब्ध कराने को तैयार हैं।

प्रमिला देवी, ईस्टर्न बाजार स्थित मकान संख्या-275 में रहती हैं। उनका मकान वर्तमान काली मंदिर के पीछे उत्तर दिशा में लगभग 150 फीट की दूरी पर स्थित है। उनका मानना है कि यदि मंदिर की स्थापना उनकी भूमि पर की जाती है तो मंदिर को उसके मूल क्षेत्र से दूर ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और श्रद्धालुओं की भावनाओं का भी सम्मान होगा।

इस अवसर पर उनके साथ समाजसेवी चंद्रभूषण मिश्र, दुर्गेश पांडेय और हिमांशु भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रमिला देवी के इस कदम को धार्मिक आस्था, सामाजिक समर्पण और जनहित का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संजय शर्मा ब्यूरो चन्दौली।








