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वाराणसी: नौतपा काल में श्री विश्वेश्वर का “फलों के रस” से हुआ अभिषेक

वाराणसी: मंदिर न्यास द्वारा नौतपा से भक्तों को राहत प्रदान करने की कामना के साथ श्री विश्वेश्वर महादेव का अभिषेक लीची , गुलाब, बेल एवं आम रस से अभिषेक किया गया। अभिषेक में फलो के रस के साथ साथ ग्रीष्म काल के दृष्टिगत विशिष्ट इत्र एवं पुष्प माला जैसे, खस, गुलाब, मोगरा भी अर्पित किए गए।

गर्मी के मौसम में समस्त जीव जगत को शीतलता प्रदान करने के लिए फल के रस का उपयोग किया जाता है। सनातन आस्था के भक्ति मार्ग में आराधक स्वयं को आराध्य में ही भाव समाहित कर इस भाव में स्व की अनुभूति करता है कि आराध्य को अर्पित सामग्री आराधक में प्रभाव उत्पन्न करेगी।

अतः श्री विश्वेश्वर के भक्तों का यह विश्वास है कि भगवान विश्वेश्वर को शीतल पदार्थ अर्पित करने से समस्त विश्व में गर्मी से त्रस्त शिव भक्तों पर शीतलता बरसती है। इसी अद्भुत भक्तिमय मान्यता एवं अनुभूति के प्रकटीकरण में नौतपा के काल में यह विशिष्ट आराधना नित्य संपन्न की जा रही है।

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