सोनभद्र: मुर्धवा स्थित क्रिया कुटी आश्रम में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ। यह पावन अवसर अघोर परंपरा के महान संत और अघोर गुरु पीठ ब्रह्म निष्ठालय, बनौरा (रायगढ़, छत्तीसगढ़) के अधिष्ठाता औघण संत परम पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सुबह से ही आश्रम प्रांगण में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी।
गुरु पूजा एवं श्री गुरु चरण पादुका पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात “सफल योनि पाठ” और अघोर परंपरा से संबंधित “गुरु गीता पाठ” का सामूहिक पाठ किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण मंत्रमय और भक्तिमय हो उठा। इसके उपरांत आरती एवं भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ जिसमें आश्रम से जुड़े साधकगण, माताएं, बच्चे और श्रद्धालु जनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भक्ति संगीत और संतवाणी की गूंज से आश्रम प्रांगण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
कार्यक्रम के समापन पर पारंपरिक प्रसाद घुघरी और हलुआ श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। सैकड़ों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और गुरुचरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पर्व का समापन एक और पुनीत कार्य वृक्षारोपण के साथ किया गया। क्रिया कुटी आश्रम परिसर में पौधे लगाए गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी समाज को दिया गया।
श्रद्धालुओं ने वृक्षों की देखभाल का संकल्प लिया और इसे सेवा का माध्यम बताया। इस अवसर पर व्यवस्थापक मंडल सहित आश्रम से जुड़े अनेक सेवाव्रती कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्यक्रम की व्यवस्था में लगे रहे। आयोजन की सफलता में उनकी भूमिका सराहनीय रही।
यह आयोजन न केवल गुरु पूर्णिमा की आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत करता है, बल्कि समाज में शांति, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रसारित करता है। क्रिया कुटी आश्रम में हुआ यह आयोजन संत परंपरा की जीवंतता और आध्यात्मिक संस्कृति का एक अनुपम उदाहरण बना।









