Search
Close this search box.

काशी में शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन, ऋषिवर किरीट भाई जी महाराज कर रहे हैं शिव महिमा का गुणगान

वाराणसी: शिव की नगरी काशी में गोवंश संरक्षण और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से एक शुभ एवं आध्यात्मिक आयोजन चल रहा है। दुर्गा कुंड स्थित धर्मसंघ शिक्षा मंडल में विश्वविख्यात परम पूज्य श्री ऋषिवर किरीट भाई जी महाराज के पावन सान्निध्य में “शिव महापुराण कथा” का आयोजन 27 जुलाई से प्रारंभ हुआ, जो 2 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक आयोजित हो रहा है।

शिव महिमा के साथ सनातन संस्कृति का संदेश

आचार्य श्री कथा के माध्यम से भगवान शिव की महिमा, धार्मिक मूल्यों, और भारतीय संस्कृति की महानता का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कथा में बताया कि “गुजरात के भुज में कांकरेज नस्ल की गायों के संरक्षण हेतु ‘नंदी वन’ नामक गौशाला की स्थापना की जा रही है। यह गोवंश संरक्षण का एक आदर्श केंद्र बनेगा।”

इसी प्रकार, महाराष्ट्र के लवासा में ‘कैलाश’ नामक गुरुकुल संचालित किया जा रहा है, जहां बच्चों को वैदिक शिक्षा एवं संस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही वृंदावन में ‘वैकुंठ’ नामक आश्रम का भी निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो आध्यात्मिक साधकों (seekers) के लिए समर्पित होगा।

काशीवासियों को बताया सौभाग्यशाली

ऋषिवर श्री किरीट भाई जी महाराज ने काशीवासियों को विशेष रूप से भाग्यशाली बताया, “काशी एकमात्र ऐसा नगर है, जहां बाबा विश्वनाथ के साथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों, माता अन्नपूर्णा, और संकटमोचन हनुमान जी का एक साथ आशीर्वाद प्राप्त होता है।”

उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उत्तम संस्कार, धार्मिक शिक्षा, और भारतीय संस्कृति की गहराई से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि वे आने वाले समय में सनातन धर्म के संवाहक बन सकें।

2 अगस्त को होगा समापन

शिव महापुराण कथा का समापन 2 अगस्त को होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म की भावनाएं चरम पर हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें