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Varanasi: शराब ठेका हटाने को लेकर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन, प्रशासन मौजूद

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Varanasi: चौबेपुर थाना क्षेत्र के संदहां गांव में शराब ठेके के खिलाफ शुक्रवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेके के पास शाम होते ही शराबियों की भीड़ जमा हो जाती है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। शराबी अक्सर गाली-गलौज करते हैं और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे किसी बड़ी घटना की आशंका बनी रहती है।

प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर

प्रदर्शन की खबर मिलते ही कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के प्रतिनिधि संजय सिंह और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे। संजय सिंह ने ग्रामीणों की बात सुनकर उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चौकी प्रभारी चिरईगांव को निर्देश दिया कि जब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक शराब ठेके को बंद रखा जाए।

वहीं प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों, जिनमें प्रकाश राजभर, गौरव सिंह, गुड़िया, रीना, श्यामदुलारी, बृजेश, और अक्षय जैसे लोग शामिल थे, ने ठेके को गांव से दूर स्थानांतरित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि ठेका गांव के बाहर शिफ्ट किया जाए ताकि गांव का शांतिपूर्ण वातावरण बरकरार रह सके। फिलहाल, अधिकारियों ने ठेका अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।