नई दिल्ली। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। साइबर फ्रॉड के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने जमानत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे साइबर अपराधी समाज पर बोझ हैं और “परजीवी” की तरह काम करते हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि समाज के हित में ऐसे लोगों का जेल में रहना ही बेहतर है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि साइबर अपराधी देशभर के लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध तेजी से फैल रहे हैं और इनके प्रभाव दूरगामी हैं।
सुप्रीम कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी को साइबर अपराधों के खिलाफ न्यायपालिका के कड़े रुख के रूप में देखा जा रहा है। फैसले के बाद कानूनी विशेषज्ञों और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। अदालत का संदेश स्पष्ट है कि साइबर ठगी जैसे गंभीर अपराधों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।







