Search
Close this search box.

बिरनो गांवों में बंदरों का बढ़ता आतंक, लोग दहशत में

गाजीपुर । बिरनो क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि घर की महिलाएं अब खुले आंगन या रसोई में खाना बनाने के बजाय बंद कमरों में काम करने को मजबूर हैं। बंदरों की बढ़ती संख्या ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

छत पर कपड़े सुखाना भी मुशकिल।

ग्रामीणों का कहना है कि अब बच्चों के कपड़े छत पर सुखाने में भी डर लगता है। बंदर छतों पर झुंड बनाकर घूमते रहते हैं और कपड़े फाड़ देते हैं या उठा ले जाते हैं। इतना ही नहीं, वे केवल पेड़ों तक सीमित नहीं हैं बल्कि छतों और जमीन पर भी बेखौफ चहलकदमी कर रहे हैं।

रास्ते में पैदल चलना भी लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है।स्वास्थ्य केंद्र में बढ़े काटने के मामलेस्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिरनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मात्र चार दिनों के भीतर बंदरों के काटने के छह मामले दर्ज किए गए हैं। घायलों के शरीर पर गहरे जख्म देखे जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। ग्रामीणों में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने जताई साजिश की आशंकाशेखपुर के राकेश बिंद, राहुल राजभर तथा अरसदपुर के बबलू प्रजापति का कहना है कि शहरों में बंदरों की धरपकड़ के बाद उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में छोड़े जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका आरोप है कि पहले गाजीपुर नगर पालिका द्वारा बंदरों को पकड़ा गया था, लेकिन अचानक गांवों में उनकी संख्या बढ़ना कई सवाल खड़े करता है।

प्रशासन ने दिया कारवाई का आश्वासन

क्षेत्राधिकारी महेश देव ने बताया कि शासन से आदेश प्राप्त हुआ है। ग्राम पंचायत के प्रधान सचिव द्वारा बंदरों की संख्या और समस्या की जानकारी दिए जाने पर धरपकड़ की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

संजय यादव ब्यूरो गाजीपुर उत्तर प्रदेश

उजाला संचार

Leave a Comment

और पढ़ें