उत्तर प्रदेश। के मुरादाबाद का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नरेश वाल्मीकि आखिरकार 21 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस से बचने के लिए उसने वर्षों पहले मुरादाबाद छोड़ दिया था और संभल जिले में जाकर अपनी नई पहचान बना ली थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने न सिर्फ अपना नाम बदलकर ‘सुल्तान’ रख लिया, बल्कि धर्म बदलने का भी दिखावा किया।
वह टोपी पहनता, बड़ी दाढ़ी रखता और कुर्ता-पायजामा पहनकर खुद को मुस्लिम के रूप में प्रस्तुत करता था। इसके साथ ही उसने फर्जी दस्तावेज भी तैयार करा लिए थे, जिससे उसकी असली पहचान छिपी रहे।
लंबे समय तक वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन आखिरकार पुलिस की सतर्कता और गहन जांच के चलते उसका भंडाफोड़ हो गया। यह मामला दर्शाता है कि अपराधी कितनी चालाकी से कानून से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन लगातार निगरानी और जांच के चलते अंततः कानून के शिकंजे में आ ही जाते हैं।







