बलिया । कबीरम समाज एवं अखिल भारतीय विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (एआईएफयूसीटीओ) के तत्वावधान में रविवार को टीडी कॉलेज चौराहे के पास अगस्त क्रांति उत्सव अभियान की शुरुआत हुई। 9 से 23 अगस्त तक चलने वाले अभियान में भारत माता की जय, अगस्त क्रांति जिंदाबाद और इंकलाब के नारों के साथ लोगों से अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की गई।
प्रो. संतोष प्रसाद गुप्त ने बताया कि 19 अगस्त को बलिया बलिदान दिवस/विजय दिवस/शौर्य दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने तथा विभिन्न मांगों को पूरा करने की घोषणा के लिए भारतीय डाक विभाग के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया है।

वक्ताओं ने कहा कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का बलिया पर व्यापक प्रभाव पड़ा था। 18 अगस्त को बैरिया में क्रांतिकारियों के शहीद होने के बाद 19 अगस्त 1942 को तत्कालीन जिलाधिकारी जे. निगम ने जिला कारागार पहुंचकर सेनानियों को रिहा किया था। इसके बाद चित्तू पांडेय के नेतृत्व में बलिया में स्वतंत्र प्रशासन की स्थापना हुई।
ज्ञापन में 19 अगस्त को राष्ट्रीय मान्यता एवं सार्वजनिक/शैक्षणिक अवकाश, पुरानी पेंशन बहाली, नई शिक्षा नीति और यूपीएस समाप्त करने, शिक्षा बजट बढ़ाने, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, छात्रसंघ बहाली, आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने तथा मंगल पांडेय की जन्मस्थली नगवां को विशेष क्षेत्र घोषित करने समेत कई मांगें शामिल हैं।
कार्यक्रम में प्रो. सुशील किशोर श्रीवास्तव, डॉ. प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, डॉ. फतेह चंद बेचैन, घूराराम, बब्बन यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।
रिपोर्टिंग बलिया संजय सिंह।









