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गौशालाओं से निकलने वाले गोबर से बनेगें उपले, शेल्टर होमों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जलने वाले अलाव में होगा उपयोग

वाराणसी: नगर निगम द्वारा संचालित दो गौशालाओं शहंशाहपुर एवं छितौनी में पलने वाले गोवंशों से निकलने वाले गोबर से उपले बनाये जाने का कार्य किया जा रहा है।शहंशाहपुर एवं छितौनी के गौशालाओं में वर्तमान में लगभग एक हजार गोवंश संरक्षित है। जिनसे प्रतिदिन 30 कुंटल गोबर निकलता है।

नगर आयुक्त अक्षत वर्मा द्वारा संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चन्द्र को निर्देशित किया कि दोनों गौशालाओं से निकलने वाले गोबर से उपले बनाये जायें। जिसका नगर में स्थित शेल्टर होम में अलाव जलाने में उपयोग किया जा सके। नगर आयुक्त के द्वारा दिये गये निर्देश पर स्वंय सेवी महिलाओं के माध्यम से उपले बनाये जाने का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

जिसे आज से ही शेल्टर होमों में अलाव जलाने में उपयोग किया जायेगा। गोबर से बनने वाले उपले जैसे-जैसे सुखते जायेगें, उसके पश्चात इन्हे सार्वजनिक स्थानों पर जलने वाले अलाव में उपयोग किया जायेगा।

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