सोनभद्र । दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती एक सड़क हादसे के घायल संविदा कर्मी को कथित तौर पर रात में निजी अस्पताल के दलाल बेहतर इलाज का झांसा देकर अस्पताल से ले गए, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद सरकारी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मरीज को आधिकारिक रूप से डिस्चार्ज नहीं किया गया था, फिर भी वह वार्ड से बाहर कैसे गया, इसकी जांच की मांग तेज हो गई है। अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद होने का दावा किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल की मिलीभगत के बिना वार्ड से मरीज को ले जाना संभव नहीं है। उनका कहना है कि केवल निजी अस्पतालों पर कार्रवाई से वास्तविक जिम्मेदारी तय नहीं होगी।
पीड़ित परिजनों और नागरिकों ने जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी रमेश कुमार मिश्रा से पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, सीएचसी के जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। फिलहाल मामले की आधिकारिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।









