वाराणसी । कम्पोजिट स्कूल महमूरगंज में सोमवार को बच्चों ने ‘लर्निंग बाय डूइंग’ प्रयोगशाला में व्यावहारिक शिक्षा के तहत लाई और गुड़ की पट्टी बनाना सीखा। इस दौरान बच्चों ने स्वयं सामग्री तैयार करने से लेकर गुड़ की पट्टी बनाने तक की पूरी प्रक्रिया को समझा और अपने हाथों से कार्य करके अनुभव प्राप्त किया।
वाराणसी की लर्निंग बाय डूइंग लैब में इंजीनियरिंग, पर्यावरण, कृषि के साथ-साथ गृह एवं स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न कार्यशालाएं भी आयोजित की जाती हैं। अनुदेशक कैलाश कुमार पाल की देखरेख में बच्चों को दैनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें प्लंबिंग, इलेक्ट्रॉनिक मरम्मत सहित कई उपयोगी गतिविधियां शामिल हैं।

लर्निंग बाय डूइंग का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और कौशल से जोड़ना है। इस गतिविधि में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और ‘स्वयं करके सीखने’ की अवधारणा को समझा।विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रीति त्रिवेदी, अध्यापिका भावना त्रिपाठी और अनुदेशक कैलाश कुमार पाल बच्चों को सीखने के लिए निरंतर प्रेरित कर रहे हैं। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानाध्यापिका का विद्यालय की सभी गतिविधियों में पूरा सहयोग रहता है।








