वाराणसी। 20 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे शिक्षाविद् श्री सोनम वांगचुक के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार और युवाओं की मांगों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। ज्ञापन में कहा गया कि देश के करोड़ों युवा पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं से प्रभावित हैं।
NEET पेपर लीक से मानसिक तनाव झेल रहे छात्रों को न्याय दिलाने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से अनशन कर रहे थे।ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर अचानक भारी पुलिस बल तैनात कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया।
लंबे अनशन के कारण कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने को लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया गया। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से युवाओं की समस्याओं पर तत्काल संवाद करने, पेपर लीक मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने और प्रदर्शनकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की मांग की गई।








