दुद्धी । कस्बा और आसपास के क्षेत्रों में बिना पंजीयन संचालित हो रहे दर्जनों कोचिंग सेंटरों को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। आरोप है कि कई संस्थान वैधानिक अनुमति के बिना प्रतियोगी एवं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर बड़े-बड़े दावे करते हुए छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं। इन संस्थानों के प्रचार-प्रसार के विज्ञापन स्थानीय व्हाट्सएप और सोशल मीडिया समूहों में भी लगातार देखने को मिल रहे हैं।
भारी फीस, सुविधाओं पर सवाल
अभिभावकों का कहना है कि बेहतर परिणाम और चयन का भरोसा देकर छात्रों से मोटी फीस वसूली जा रही है, जबकि अधिकांश कोचिंग सेंटरों में न तो पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं और न ही योग्य शिक्षकों की व्यवस्था है। इससे छात्रों की पढ़ाई और भविष्य दोनों प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जांच और कार्रवाई की मांग
प्रबुद्धजनों का आरोप है कि कई संस्थान निर्धारित मानकों का पालन किए बिना संचालित हो रहे हैं। ऐसे में उनकी गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक स्तर की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से क्षेत्र के सभी कोचिंग सेंटरों का सत्यापन कराने तथा बिना पंजीयन या नियमों के विरुद्ध संचालित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।








