वाराणसी । में एसआईआर फॉर्म सत्यापन के दौरान सफाईकर्मी पर हमले और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के मामले में आरोपित को राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने टिसौरा, चोलापुर निवासी संतोष सिंह को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक जमानतदार पर जमानत दे दी। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह, अखिलेश सिंह और आशुतोष उपाध्याय ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार, सैदपुर (गाजीपुर) निवासी सफाईकर्मी मुन्नर राम ने 10 फरवरी 2026 को चोलापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत निर्वाचन नामावली के सत्यापन के दौरान बीएलओ वंदना यादव के साथ ड्यूटी पर रहते हुए जब वह संतोष सिंह के घर आधार कार्ड का विवरण मांगने पहुंचे, तो आरोपित ने जाति पूछकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। किसी तरह जान बचाकर भागने पर उनकी स्कूटी की चाबी भी छीन ली गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस ने इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और दलित उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि वादी पैसे की मांग कर रहा था, जिसका विरोध करने पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर जमानत मंजूर कर ली।






