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बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला

वाराणसी । कचहरी अंबेडकर पार्क में उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजेश पाल गौतम ने देश में लगातार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और हालिया सरकारी परीक्षा घोटालों को लेकर आज मीडिया से प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार पर कड़े सवाल उठाए गए। वक्ता ने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है और महंगाई आम जनता की कमर तोड़ रही है।

,, प्रमुख आरोप और बिंदु ,,

,,आस्था का अनादर,, आरोप लगाया गया कि भाजपा सरकार के नेतृत्व वाले ट्रस्टों ने मंदिरों के नाम पर चंदा इकट्ठा कर लोगों की आस्था का अपमान किया है, और इन फंड्स के इस्तेमाल में पारदर्शिता की कमी है।

,, किसानों और मजदूरों की स्थिति,, किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और मनरेगा के तहत मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देने का वादा भी पूरा नहीं किया गया है।

,, शिक्षा का निजीकरण और महंगी शिक्षा,, शिक्षा को इतना महंगा बना दिया गया है कि सामान्य नागरिकों की पहुंच से यह दूर हो गई है। साथ ही, सरकारी स्कूलों के मर्जर के नाम पर उन्हें बंद किया जा रहा है।

,, परीक्षाओं में धांधली,, नीट, जेईई, यूपीएससी, एसएससी और आरआरबी जैसी पांच प्रमुख परीक्षाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया कि पेपर लीक के कारण छात्रों का भविष्य अधर में है, जबकि इनका बजट करोड़ों में है।

,, प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल,, कानून-व्यवस्था और न्यायपालिका के प्रति सरकार के रवैये पर भी गंभीर चिंता जताई गई। वक्ता ने सवाल किया कि पुलिस को सीधे एनकाउंटर या न्याय करने का अधिकार किसने दिया, जबकि यह प्रक्रिया अदालतों के दायरे में होनी चाहिए।

,, सरकार पर, चंदा चोरी, का आरोप,, वक्ता ने सीधे तौर पर कहा कि केंद्र सरकार न केवल चंदा ले रही है, बल्कि फंड की चोरी भी कर रही है और देश के संवैधानिक संस्थानों को कमजोर कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में इन सभी मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी है, जो युवाओं, दलितों, पिछड़ों और देश के सभी नागरिकों की आवाज उठा रहे हैं।अंत में, वक्ता ने कांग्रेस शासनकाल की तुलना मौजूदा सरकार से करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने गांव-गांव में स्कूल खोले और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए थे, जबकि वर्तमान सरकार जनहित के बजाय निजीकरण और भ्रष्टाचार पर केंद्रित है।

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