हरदोई। संडीला कोतवाली क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के जिलाध्यक्ष बताए जा रहे जितेंद्र सिंह उर्फ अंकित के खिलाफ धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। दोनों मामलों के सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति और किसान संगठन में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पहला मामला प्लॉट के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी से जुड़ा है। अशरफ टोला निवासी अब्दुल निसार अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उन्होंने जमसारा कासिमपुर निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ अंकित से 20 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदने का सौदा किया था।
पीड़ित के मुताबिक सौदे के तहत 4 लाख रुपये नकद बयाने के रूप में दिए गए, जबकि आरोपी के कहने पर हिंदुस्तान ढाबा संचालक शराफत के खाते में 90 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। आरोप है कि तय समय बीतने के बावजूद प्लॉट का बैनामा नहीं कराया गया। बाद में जानकारी हुई कि जिस जमीन का सौदा किया गया वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होने के साथ विवादित भी है। अब्दुल निसार ने यह भी आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर आरोपी ने धमकाकर भगा दिया।
वहीं दूसरा मामला संगठन में पद और सदस्यता दिलाने के नाम पर रुपये वसूलने से संबंधित है। बेनीगंज क्षेत्र निवासी सत्य प्रकाश तिवारी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022-23 के दौरान भारतीय किसान यूनियन अवध गुट से जोड़ने और पद दिलाने के नाम पर उनसे अलग-अलग माध्यमों से 8 लाख 98 हजार रुपये लिए गए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि पैसे वापस मांगने पर लगातार धमकियां दी गईं। उन्होंने आरोपी को दबंग और प्रभावशाली बताते हुए कहा कि सामाजिक तनाव और डर के कारण अब तक चुप रहे।
मामले में एक वायरल ऑडियो का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कथित तौर पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की बात सामने आई है। संडीला पुलिस ने दोनों मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जमीन से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन और वायरल ऑडियो की जांच में जुटी हुई है।






