Search
Close this search box.

वाराणसी: ऑटो के लिए लागू हुई नई ट्रैफिक व्यवस्था, काशी जोन में 6 चेकिंग प्वाइंट्स, रामनगर वाले ऑटो शहर में नहीं कर पाएंगे प्रवेश

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

वाराणसी: जनपद के ग्रामीण और रामनगर परमिट वाले ऑटो के लिए काशी कमिश्नरेट के 11 थाना क्षेत्रों में प्रवेश पर रोक लगाने के उद्देश्य से छह चेकिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। ये चेकिंग प्वाइंट बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, चितईपुर चौराहा, बनारस स्टेशन का सेकेंड एंट्री प्वाइंट, इंग्लिशिया लाइन, अंधरापुल चौराहा और सिटी स्टेशन पर स्थित होंगे। पु

काशी जोन में श्री काशी विश्वनाथ धाम सहित प्रमुख मठ-मंदिर, गंगा घाट, बाजार, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन और मंडियों का होना, यहां यातायात के दबाव को बढ़ाता है। कमिश्नरेट के अन्य जोन की तुलना में काशी जोन में यातायात की अधिक भीड़भाड़ रहती है। इस समस्या को सुलझाने के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल निरंतर प्रयास कर रहे हैं।\

इस नई व्यवस्था के तहत, ई-रिक्शा के संचालन के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। इसके अलावा, रामनगर परमिट वाले ऑटो को केवल सामने घाट पुल से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर और मालवीय पुल से सिटी रेलवे स्टेशन तक ही आने की अनुमति दी गई है। वहीं, देहात परमिट वाले ऑटो के काशी जोन में आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सोमवार से विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया जाएगा।

परमिट से बहार गए तो ऑटो होगी सीज

एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि यदि काशी जोन के 11 थाना क्षेत्रों में देहात परमिट वाले ऑटो पाए गए, तो उन्हें हर हाल में सीज कर दिया जाएगा। रामनगर परमिट वाले ऑटो को केवल निर्धारित स्थानों तक ही आने की अनुमति दी जाएगी।
 

Leave a Comment

और पढ़ें

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।