मिर्जापुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय पर राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्वाचन आयोग द्वारा तय की गई तिथियों और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। इसके तहत:
- 30 सितम्बर 2025 को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के नियम-31(3) के अंतर्गत सार्वजनिक नोटिस जारी किया जाएगा।
- 15 और 25 अक्टूबर 2025 को समाचार पत्रों में नोटिस का पुनः प्रकाशन होगा।
- 06 नवम्बर 2025 तक आवेदन (प्रारूप-18 और 19) प्राप्त किए जाएंगे।
- 25 नवम्बर से 10 दिसम्बर 2025 तक दावे और आपत्तियां दर्ज होंगी।
- 25 दिसम्बर 2025 तक सभी दावे और आपत्तियों का निस्तारण कर अनुपूरक सूची तैयार की जाएगी।
- 31 दिसम्बर 2025 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित होगी।
जिलाधिकारी के निर्देश
डीएम ने कहा कि निर्वाचक नामावलियों का त्रुटिरहित होना अति आवश्यक है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर तहसीलदार, उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। उन्होंने सभी BLO की कड़ी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नामांकन के लिए कम से कम 3 वर्ष पूर्व स्नातक की डिग्री प्राप्त होना आवश्यक है। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता बनने के लिए 01 नवम्बर 2025 से ठीक पहले 6 वर्षों में कम से कम 3 वर्ष अध्यापन कार्य का अनुभव अनिवार्य होगा।
अन्य जानकारियाँ
- प्रारूप-18 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र हेतु और प्रारूप-19 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हेतु आवेदन पत्र निर्धारित हैं।
- किसी राजनीतिक दल, बूथ लेवल एजेंट या आवासीय कल्याण संघ द्वारा थोक में दिए गए आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
- मतदाता सूची फोटोयुक्त, हिंदी/अंग्रेजी दोनों भाषाओं में और 18 कॉलम के प्रारूप में प्रकाशित होगी।
- प्रत्येक मतदान केंद्र पर 800 से 1400 मतदाता होंगे तथा सभी मतदान स्थल आवश्यक न्यूनतम सुविधाओं से युक्त हैं।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह, एडीएम नमामि गंगे विजेता, संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह व अंशुल हिन्दल, एसडीएम राजेश वर्मा, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।









