नई दिल्ली। बीते शुक्रवार को राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश का एक प्रतिनिधिमण्डल प्रान्तीय महामन्त्री डॉ अशोक कुमार अवाक के नेतृत्व में केन्द्रीय शिक्षा राज्य मन्त्री जयन्त सिंह चौधरी के तुगलक मार्ग स्थित आवास पर जाकर खण्ड शिक्षा अधिकारियों को उच्चतर सेवा समूह का में 34% की पदोन्नति का कोटा समाप्त करने एवं डाइट प्रवक्ताओं के साथ राजकीय शिक्षकों की समवेत पदोन्नति करने हेतु ज्ञापन सौंपा।

डॉ अवाक ने बताया कि खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं डायट प्रवक्ता अपने मुहिम में सफल हो गए हैं और उनकी पदोन्नति होने जा रही है। जबकि राजकीय माध्यमिक शिक्षक असहाय होकर उनको आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं। किन्तु संगठन ने पराजय स्वीकार नहीं किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोई भी सहयोग न मिलने के परिणामस्वरूप 11 अप्रैल, 2026 को डॉ अवाक भारत सरकार में केन्द्रीय शिक्षा राज्य मन्त्री जयन्त सिंह चौधरी से मिलने नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर गये जिससे कि इस सम्बन्ध में उन्हें ज्ञापन देकर सहयोग की अपेक्षा की जा सके। किन्तु उस समय वह विदेश दौरे पर थे। इसलिए कोई बात नहीं बनी। उनकी अनुपस्थिति में उनके कार्यालय का कोई अधिकारी ज्ञापन लेने को भी तैयार नहीं था।
महिला आरक्षण बिल पर संसद की कार्यवाही गतिमान होने के कारण केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री से पुनः भेंट नहीं हो पाई । किन्तु उत्तर प्रदेश से दूसरी बार ज्ञापन देने की उनकी हिम्मत और दृढ़ता को देख कर इस बार उनके कार्यालय ने ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि माननीय मन्त्री जी के, संसद से वापस लौटने पर यह ज्ञापन उन्हें अवश्य ही सौंप जाएगा।
ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमण्डल में प्रान्तीय संगठन मन्त्री डॉ अमर सिंह, मेरठ मण्डल के मण्डलीय अध्यक्ष डॉ रविन्द्र कुमार, मेरठ मण्डल के मण्डलीय मन्त्री डॉ सतीश कुमार एवं सोनभद्र के संघनिष्ठ साथी डॉ अनिल कुमार पासवान सम्मिलित रहे। प्रान्तीय महामन्त्री ने कहा कि हम लोग पराजित महसूस कर रहे हैं किन्तु संगठन इसके बावजूद भी अपने साथियों के अधिकारों के रक्षार्थ सतत प्रयत्नशील है।
इसी कड़ी में यह ज्ञापन नई दिल्ली में उनके आवास पर जाकर दिया गया है। साथ ही मा. उच्च न्यायालय, लखनऊ में यह प्रकरण अभी भी गतिमान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब भी इस पर निर्णय आएगा, वह राजकीय शिक्षकों के पक्ष में ही आएगा।









