वाराणसी । जनपद में पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं से करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वर्षों की मेहनत के बावजूद छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा और समान अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे युवाओं में निराशा और अविश्वास बढ़ रहा है।
ज्ञापन में NEET सहित विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सर्वोच्च स्तर पर स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई। साथ ही दोषी अधिकारियों और पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षा के निजीकरण पर प्रभावी रोक लगाने और सभी छात्रों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण एवं वैज्ञानिक शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा सोनम वांगचुक, छात्रनेता नेहा मनिष और अमीन के अनशन को देखते हुए सरकार से तत्काल बातचीत शुरू कर समाधान निकालने तथा संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था पर खुली चर्चा कराने की मांग की गई।







