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रीवा में जैन आर्यिकाओं की मृत्यु पर मीरजापुर जैन समाज में आक्रोश, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

मीरजापुर। मध्य प्रदेश के रीवा में जैन आर्यिकाओं के साथ हुई दर्दनाक घटना को लेकर मीरजापुर के जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन सभा, चौबे टोला मीरजापुर की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी मीरजापुर के माध्यम से सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया कि 20 मई 2026 की सुबह लगभग 6:30 बजे रीवा में श्रद्धेय आर्यिका मां श्रुतमति माताजी और श्रद्धेय आर्यिका मां उपशममति माताजी नित्य क्रिया के लिए जंगल की ओर जा रही थीं। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में आर्यिका मां श्रुतमति माताजी की मौके पर ही समाधि हो गई, जबकि आर्यिका मां उपशममति माताजी ने जैन संत भवन रीवा में अंतिम सांस ली। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

जैन सभा ने ज्ञापन में कहा कि इस प्रकार की घटनाएं लगातार जैन आर्यिकाओं और साधुओं के साथ हो रही हैं, लेकिन शासन और प्रशासन स्तर पर संतों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

सभा ने प्रधानमंत्री से मामले में निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने और दोषी चालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने तथा प्रशासन और समाज के बीच समन्वय तंत्र विकसित करने की भी मांग की गई।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो जैन समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा।

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