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नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर बलिया प्रशासन सतर्क, पांच तहसीलों में हुआ बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल

बलिया । जनपद में गंगा सहित अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर गुरुवार को जनपद की विभिन्न तहसीलों में व्यापक बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिल कुमार के निर्देशन में सदर तहसील के उजियार घाट, बैरिया के दूबे छपरा, बांसडीह के कोलकला, सिकंदरपुर के कठौड़ा तथा बेल्थरा रोड के तुर्तीपार में राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कराया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, नाव दुर्घटना में बचाव, डूबे व्यक्तियों की खोज, राहत शिविर एवं फील्ड अस्पताल स्थापित करने तथा आपदा के समय विभिन्न विभागों के समन्वय का प्रदर्शन किया गया। रेड क्रॉस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने सीपीआर प्रशिक्षण दिया तथा डूबते व्यक्ति को बचाने की तकनीकों का प्रदर्शन किया। आपदा मित्र धर्मेंद्र कुमार ने नदी के बीच लगभग आधे घंटे तक तैरते रहने का साहसिक प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजित गोष्ठी में स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि, पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, पंचायत और अन्य विभागों ने अपनी बाढ़ पूर्व तैयारियों की जानकारी साझा की। रेड क्रॉस सोसायटी के प्रतिनिधियों ने स्थानीय स्तर पर तैराकी प्रशिक्षण को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।

जिला नियंत्रण कक्ष से पूरी मॉक एक्सरसाइज की निगरानी की गई। जनपद में किए गए नवाचारों और प्रभावी तैयारियों की उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ ने भी सराहना की। बाढ़ सीजन से पहले यह अभ्यास प्रशासन की तत्परता और आपदा प्रबंधन क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण बना।

संजय सिंह रिपोर्टिंग बलिया।

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