वाराणसी । नगर निगम ने शहरवासियों को त्वरित राहत देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए गंगा घाट से जुड़े 25 वार्डों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मात्र चार घंटे के भीतर जनशिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी बैठक में तय किया गया कि 7 जुलाई से इस व्यवस्था की शुरुआत होगी।

नागरिक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा उठान, सिल्ट सफाई समेत अन्य बुनियादी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए नगर निगम अलग हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम भी स्थापित करेगा।
बैठक में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र की नई नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई। अब निजी अस्पतालों को जन्म या मृत्यु की सूचना आठ घंटे के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करानी होगी, जिससे प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सके।

कार्यकारिणी ने छह माह के भीतर संपत्तियों के ‘पीला कार्ड’ की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने का भी निर्णय लिया, ताकि भवन स्वामी घर बैठे इसे डाउनलोड कर सकें। पर्यावरण संरक्षण के तहत 15 जुलाई से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 25 हजार छह फीट ऊंचे पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक में शिवपुर सहित तीन स्थानों पर फल मंडी विकसित करने, संस्थागत सुधार के लिए विशेषज्ञों एवं तकनीकी सहायकों की नियुक्ति, मानसून से पहले जलजमाव वाले क्षेत्रों में विशेष इंतजाम तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
महापौर ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जलभराव और सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।










