वाराणसी । स्थित एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में दो दिवसीय राष्ट्रीय आर्थोपेडिक सम्मेलन ‘IATSCON 2026’ का आयोजन किया गया। इंडियन एसोसिएशन ऑफ ट्रॉमा सर्जन्स, वाराणसी ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन और रोबोटिक आर्थ्रोप्लास्टी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य ट्रॉमा एवं आर्थोपेडिक विशेषज्ञों को नवीनतम सर्जिकल तकनीकों, जटिल मामलों और आधुनिक उपचार पद्धतियों से अवगत कराना रहा। सम्मेलन का उद्घाटन आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. डॉ. एस.एन. संखवार सहित कई वरिष्ठ विशेषज्ञों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सम्मेलन में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, लुधियाना और वाराणसी सहित देशभर से आए वरिष्ठ ट्रॉमा एवं आर्थोपेडिक सर्जनों ने पेल्विस फ्रैक्चर, फीमर नेक फ्रैक्चर, स्पाइन टीबी, ऑस्टियोपोरोसिस, पॉलीट्रॉमा, जोड़ प्रत्यारोपण और पुनर्निर्माण सर्जरी जैसे विषयों पर वैज्ञानिक व्याख्यान, केस आधारित प्रस्तुतियां और पैनल चर्चाएं कीं। 100 से अधिक चिकित्सकों और पीजी छात्रों ने इसमें भाग लिया।
डॉ. एन.के. अग्रवाल ने घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के उपचार पर “लुधियाना प्रोटोकॉल” विषयक विशेष व्याख्यान दिया, जबकि डॉ. अजीत सैगल और डॉ. अभिजीत वहगांवकर ने तकनीकी कार्यशालाओं का संचालन किया। पीजी मेडल सत्र में एपेक्स हॉस्पिटल के डीएनबी रेजीडेंट डॉ. अपूर्व चहल को स्वर्ण तथा ओरियाना हॉस्पिटल के डॉ. शौर्य को रजत पदक से सम्मानित किया गया।










