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पेपर लीक के विरोध में भूख हड़ताल को समर्थन, शिक्षामंत्री के इस्तीफे समेत पांच मांगें उठीं

वाराणसी। /नई दिल्ली पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर, नई दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन को इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) उत्तर प्रदेश ने समर्थन दिया है। संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि नीट पेपर लीक सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है। साथ ही उत्तर प्रदेश की असिस्टेंट प्रोफेसर, यूपीएसआई और लेखपाल भर्ती प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का आरोप है कि इन मुद्दों पर छात्रों की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया गया, जिससे युवाओं में व्यापक असंतोष है।

ज्ञापन के अनुसार, जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से छात्र धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और कई छात्र नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आरवाईए और आइसा ने इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।

इन मांगों में पेपर लीक के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने, उत्तर प्रदेश की विभिन्न भर्तियों में कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच, असमय मृत्यु का शिकार हुए छात्रों के परिजनों को मुआवजा तथा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय और उत्पीड़न मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।

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