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जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के अष्टम् दीक्षान्त समारोह में बेटियों का दबदबा, 44 विद्यार्थियों को मिले स्वर्ण पदक

बलिया । जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय का अष्टम् दीक्षान्त समारोह बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर के दीक्षान्त मंडप में गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास है। विद्यार्थियों को रोजगार पाने के साथ रोजगार सृजन करने वाला उद्यमी बनने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. अशोक कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को दीक्षोपदेश देते हुए कहा कि ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने एआई, ड्रोन, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल कृषि जैसी तकनीकों के माध्यम से कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने पर जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. पंकज एल. जानी ने राज्यपाल का संदेश पढ़ते हुए युवाओं से अपनी माटी, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़े रहने का आह्वान किया। कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या एवं भविष्य की योजनाएं प्रस्तुत कीं।

समारोह में 44 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 35 छात्राएं और केवल 9 छात्र शामिल हैं। एमएससी रसायन विज्ञान की नन्दिनी वर्मा को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर कुलाधिपति स्वर्ण पदक मिला। विनीता सिंह को डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल स्मृति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में एचपीवी टीकाकरण, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह का सम्मान, स्मारिका व पुस्तकों का लोकार्पण तथा प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को शैक्षणिक किट वितरण भी किया गया।

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