तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने सीजफायर (युद्धविराम) की घोषणा की है। यह घोषणा तब हुई जब ईरान ने अंतिम क्षण तक इजरायल और कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल हमले जारी रखे।
ट्रंप को दिखाई ताकत, फोर्डो हमले का जवाब मिला
ईरानी मीडिया के मुताबिक, कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दाग कर ईरान ने अमेरिका को यह संदेश देने की कोशिश की कि फोर्डो परमाणु साइट पर हुई बमबारी का जवाब उसे मिल चुका है। ईरान का दावा है कि यह संघर्ष का “पहला चरण” था, जिसे उसने सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
इजरायल को लगे गहरे झटके
रिपोर्टों के अनुसार, इस संघर्ष में इजरायल को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा है। ईरान समर्थक विश्लेषकों का कहना है कि जंग के इस दौर ने इजरायल की सैन्य तैयारी और सुरक्षा ढांचे की कमजोरी उजागर कर दी है। साथ ही, अमेरिका की रणनीतिक भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
वैश्विक असर और ग्लोबल साउथ में ईरान की छवि
ईरानी मीडिया ने दावा किया कि इस संघर्ष के बाद ग्लोबल साउथ के देशों में ईरान की छवि एक सशक्त और निर्णायक नेतृत्व वाले देश के रूप में उभरी है। साथ ही, अमेरिका को “कमज़ोर और आत्ममुग्ध” देश बताया गया है।
जंग गलत है, लेकिन जवाब देना हक है” – ईरानी स्टैंड
ईरान ने यह भी कहा है कि युद्ध कोई समाधान नहीं, लेकिन यदि कोई देश हमला करता है, तो उसका कड़ा और सटीक जवाब देना आत्मरक्षा का अधिकार है। ईरान का यह स्पष्ट संदेश है कि अब उसकी आवाज वैश्विक मंचों पर गंभीरता से सुनी जाएगी।







