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बलिया में सात सूत्रीय मांगों को लेकर सीडीओ से मिले समाजसेवी, 19 अगस्त ‘बलिदान दिवस’ को राष्ट्रीय मान्यता देने की उठी मांग

बलिया । जनपद के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी रामजी ठाकुर के नेतृत्व में कबीरम् समाज-बलिया का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को विकास भवन पहुंचा और मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज से मुलाकात कर सात सूत्रीय अनुमोदित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित जनसुनवाई प्रपत्र का हवाला देते हुए कहा कि जिलाधिकारी द्वारा जांच एवं आख्या रिपोर्ट भेजने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं, इसलिए शासन को शीघ्र रिपोर्ट प्रेषित की जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने 19 अगस्त ‘बलिया बलिदान दिवस’ को राष्ट्रीय मान्यता देने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, नई पेंशन योजना एवं यूपीएस समाप्त करने, कर्मचारियों के स्थायीकरण, शोध छात्रों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह अध्येतावृत्ति देने, आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने तथा मुरली मनोहर के नाम पर केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग उठाई।

प्रो. संतोष प्रसाद गुप्त ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में बलिया की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि 19 अगस्त 1942 को बलिया अंग्रेजी शासन से मुक्त होकर स्वतंत्र प्रशासन स्थापित करने वाला पहला जिला बना था। उन्होंने इस दिन को “विजय दिवस” एवं “शौर्य दिवस” के रूप में राष्ट्रीय मान्यता देने की मांग की।

पूर्व नाट्यमंत्री जाकिर हुसैन और संगठन मंत्री सीताराम ने कहा कि इन मांगों के पूरा होने से छात्र, नौजवान और आमजन सभी लाभान्वित होंगे। सीडीओ ओजस्वी राज ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी मांगों की जांच रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजी जाएगी।

संजय सिंह रिपोर्टिंग बलिया।

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