बलिया। बांसडीह के बांसडीह इंटर कॉलेज में विकास निधि के करोड़ों रुपये के कथित घोटाले और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद हुई जांच में प्रबंधक संजय कुमार सिंह और प्रधान लिपिक दयानंद पाठक पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार 1997 के शासनादेश के बावजूद विकास निधि खाते से वर्षों तक केवल प्रबंधक के हस्ताक्षर से धन निकाला जाता रहा, जबकि नियमानुसार संयुक्त हस्ताक्षर आवश्यक थे। उपलब्ध अभिलेखों में करीब 18.70 लाख रुपये के एकल हस्ताक्षर से निकासी का मामला सामने आया है।
आरोप है कि कॉलेज में बिना टेंडर, बिना एस्टीमेट और बिना स्पष्ट निर्माण कार्य के लाखों रुपये खर्च दिखाए गए। जांच में निर्माण कार्यों का पर्याप्त प्रमाण भी नहीं मिला। वहीं इलाहाबाद बैंक के 1997 से 2010 तक के रिकॉर्ड उपलब्ध न होने से संदेह और गहरा गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि पुरानी प्रबंध समिति का अस्तित्व वर्षों पहले समाप्त हो चुका था, लेकिन उसी के नाम पर वित्तीय संचालन जारी रहा। मामले में फर्जी दस्तावेज लगाने और बाद में नई प्रबंध समिति गठित करने के आरोप भी लगे हैं। अब स्थानीय लोग और छात्र प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
संजय सिंह रिपोर्टिंग बलिया।




