गाजीपुर: जिले के सुहवल थाना क्षेत्र में एक संवेदनशील मामले की जांच के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ईरज राजा ने बड़ा कदम उठाया है। किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में जांच कर रहे उपनिरीक्षक शिवमणि सेन को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
सुहवल थाना क्षेत्र के एक गाँव में कुछ दिन पहले एक 8 वर्षीय बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान गाँव का एक 40 वर्षीय व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर पास के धान के खेत में ले गया। वहाँ आरोपी ने बच्ची के साथ छेड़छाड़ की और उसके कपड़े उतारने का प्रयास किया।
किशोरी के जोर लगाकर चिल्लाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना से सहमी बच्ची रोते हुए घर की ओर जा रही थी तभी खोजबीन कर रहे परिजनों को रास्ते में मिली। बच्ची ने रोते हुए पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजन तत्काल सुहवल थाने पहुँचे और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
विवेचना में गंभीर चूक
आरोप है कि मामले के विवेचक उपनिरीक्षक शिवमणि सेन ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया, जबकि ऐसे मामलों में यह प्रक्रिया अनिवार्य होती है। मेडिकल न कराना बड़ी लापरवाही मानी जाती है, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता से लिया।
एसपी की कार्रवाई
प्रकरण का संज्ञान लेते हुए एसपी डॉ. ईरज राजा ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक शिवमणि सेन को पुलिस लाइन हाज़िर कर दिया। उपाधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि विवेचना में लापरवाही पाए जाने के चलते यह कार्रवाई की गई है और उपनिरीक्षक को तुरंत पुलिस लाइन संबद्ध कर दिया गया है।
ब्यूरोचीफ– संजय यादव









