वाराणसी। नमो घाट पर सोनभद्र निवासी पर्यटक राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू की पीट-पीटकर हत्या के मामले में आदमपुर थाना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने चार आरोपी सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ सुरक्षा कंपनी ‘बाबा विश्वनाथ ट्रेडर्स सिक्योरिटी’ के संचालक अनुज सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि घटना तड़के सुबह उस समय हुई जब नमो घाट खुलने से पहले पहुंचे पर्यटकों और वहां तैनात गार्ड्स के बीच मामूली कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर गार्ड्स ने राजेश जायसवाल पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिक्योरिटी कंपनी ने बिना किसी बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और आवश्यक कागजी प्रक्रिया के कई लोगों को गार्ड के रूप में नियुक्त कर रखा था। आरोप है कि नियुक्त किए गए गार्ड्स का न तो पुलिस सत्यापन कराया गया था और न ही उनके दस्तावेजों की जांच की गई थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए सुरक्षा कंपनी संचालक अनुज सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
घटना के बाद नमो घाट की सुरक्षा व्यवस्था और निजी सिक्योरिटी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।






